रोबिट गुप्ता – छत्तीसगढ़ के बलरामपुर रामानुजगंज जिले में स्थित रामानुजगंज का प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। श्री मालकेतु पर्वत पर विराजमान मां वैष्णो देवी मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऊंचे पहाड़ पर स्थित यह धार्मिक स्थल न केवल अपनी आध्यात्मिक मान्यता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां का मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

रामानुजगंज में स्थित यह पहाड़ी माई (वैष्णो देवी) मंदिर सात पहाड़ियों की श्रृंखला के बीच स्थित है, जिसे मालकेतू पर्वत के नाम से जाना जाता है। घने जंगलों और चारों ओर फैली हरियाली के बीच स्थित यह स्थल अपनी अद्भुत प्राकृतिक छटा के कारण लोगों को विशेष रूप से आकर्षित करता है। यही वजह है कि इस मंदिर को अब छत्तीसगढ़ की वैष्णो देवी” के रूप में भी पहचान मिलने लगी है।प्रमुख केंद्र है।
प्रमुख केद्र है।
01 मंदिर तक पहुंचने के लिए पारंपरिक सीढ़ीनुमा मार्ग और आधुनिक सीसी रोड दोनों सुविधाएं उपलब्ध हैं।
02 पहाड़ की ऊंचाई से चारों ओर फैली हरियाली और प्राकृतिक दृश्य श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।
03 नवरात्रि और धार्मिक पर्वों के दौरान यहां दूर-दराज से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
04 यह स्थल भक्ति, प्राकृतिक सुंदरता और आधुनिक सुविधा का अद्भुत संगम माना जाता है।
पहाड़ की ऊंचाई पर स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं के पास अब दो अलग-अलग रास्तों की सुविधा उपलब्ध है। पहला पारंपरिक सीढ़ीनुमा मार्ग है, जहां श्रद्धालुओं को सैकड़ों सीढ़ियां चढ़कर माता के दरबार तक पहुंचना पड़ता है। कठिन चढ़ाई होने के बावजूद श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस मार्ग को तय करते हैं। छोटे-छोटे बच्चे भी अपने माता-पिता के साथ “जय माता दी” के जयकारों के बीच पहाड़ी चढ़ते नजर आते हैं, जो भक्ति और विश्वास की अद्भुत तस्वीर पेश करता है।

वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहाड़ी तक सीसी रोड सड़क का निर्माण कराया गया है। इस सड़क के बनने से अब बुजुर्गों, महिलाओं और शारीरिक रूप से कमजोर श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में काफी राहत मिली है। लोग वाहन के माध्यम से पहाड़ के ऊपरी हिस्से तक पहुंच रहे हैं और वहां से थोड़ी दूरी पैदल तय कर माता के दर्शन कर रहे हैं। यह सुविधा उन श्रद्धालुओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो पहले कठिन चढ़ाई के कारण मंदिर तक पहुंचने में असमर्थ रहते थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, श्री मालकेतु पर्वत पर स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर की मान्यता वर्षों पुरानी है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत माता रानी जरूर पूरी करती हैं। यही वजह है कि रामानुजगंज सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। विशेष रूप से नवरात्रि, सावन और अन्य धार्मिक पर्वों के दौरान यहां भारी भीड़ उमड़ती है और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब जाता है।
मंदिर के शिखर तक पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं को जो दृश्य देखने को मिलता है, वह बेहद आकर्षक और सुकून देने वाला होता है। चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ों की खूबसूरत श्रृंखलाएं और नीचे बसा रामानुजगंज क्षेत्र लोगों को प्रकृति के बेहद करीब होने का एहसास कराता है। कई श्रद्धालु यहां केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने भी पहुंचते हैं। यही कारण है कि यह स्थल अब धीरे-धीरे धार्मिक पर्यटन के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।

इस पहाड़ी मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां श्रद्धालुओं को भक्ति, आस्था और प्रकृति—तीनों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। चाहे श्रद्धालु पारंपरिक सीढ़ियों वाले कठिन मार्ग से पहुंचे या फिर आधुनिक सीसी रोड के सुविधाजनक रास्ते से, दोनों ही मार्ग अंततः मां वैष्णो देवी के दरबार तक पहुंचाते हैं।
रामानुजगंज का श्री मालकेतु पर्वत स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर आज आस्था, विश्वास, प्राकृतिक सुंदरता और आधुनिक सुविधाओं का प्रतीक बन चुका है। आने वाले समय में यदि यहां और सुविधाओं का विस्तार किया जाता है, तो यह स्थल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में अपनी विशेष पहचान स्थापित कर सकता है।
