रोबिट गुप्ता /बलरामपुर -: जिले में राजपुर क्षेत्र के धंधापुर से होकर गुजरने वाली महान नदी के छिंदियाडांड रेत घाट में अवैध खनन का खेल लगातार जारी है प्रशासन रेत माफियाओं के खिलाफ सख्ती की बात तो कर रहा है लेकिन इसके बावजूद माफिया खुलेआम अवैध उत्खनन कर प्रशासन को चुनौती देते नजर आ रहे हैं हालात ऐसे हैं कि लगातार हो रहे रेत खनन से नदी पर बने करोड़ों रुपए के पुल की नींव पर भी खतरा मंडराने लगा है वहीं ग्रामीणों में किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ती जा रही है

स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह करीब 5 बजे से ही रेत माफिया नदी में सक्रिय हो जाते हैं। पूरे दिन और देर शाम तक नदी से मशीनों और वाहनों के माध्यम से बड़े पैमाने पर रेत निकाली जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिदिन करीब 200 वाहनों के जरिए अवैध रेत परिवहन किया जा रहा है, जिससे करोड़ों रुपये का काला कारोबार संचालित हो रहा है।
अवैध उत्खनन का सबसे बड़ा असर महान नदी पर बने लगभग 10 करोड़ रुपये लागत वाले पुल पर पड़ रहा है। लगातार हो रहे रेत खनन के कारण पुल की नींव कमजोर होने लगी है। यदि समय रहते अवैध खनन पर रोक नहीं लगी तो भविष्य में पुल की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि पुल के आसपास अत्यधिक खुदाई से नदी का बहाव प्रभावित हो रहा है और इससे किसी बड़े हादसे की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

1.महान नदी में धड़ल्ले से जारी अवैध रेत खनन, पुल की नींव पर बढ़ा खतरा
2.कार्रवाई के दावों के बीच छिंदियाडांड घाट में बेखौफ रेत माफिया
3.महान नदी का सीना चीरकर रोज हो रही करोड़ों की रेत तस्करी
4अवैध उत्खनन से कमजोर हो रही पुल की नींव, ग्रामीणों में हादसे का डर
5.प्रशासन सख्ती की बात कर रहा, लेकिन रेत माफियाओं का खेल लगातार जारी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी वजह से रेत माफियाओं के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि दिनदहाड़े ट्रैक्टरों की लंबी कतारें नदी से रेत भरकर निकलती हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी द्वारा कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जाती है
रेत तस्करी के कारण शासन को भी भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिना अनुमति और नियमों के विपरीत किए जा रहे इस अवैध कारोबार से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है। वहीं नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी इसका प्रतिकूल असर दिखाई देने लगा है। लगातार हो रहे खनन से नदी की गहराई बढ़ रही है और आसपास के क्षेत्रों में कटाव की समस्या भी उत्पन्न हो रही है।

मामले को लेकर जब प्रशासनिक अधिकारियों से बात की गई तो एसडीएम ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उनका कहना है कि राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम गठित कर जल्द ही अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की
जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अवैध रेत परिवहन में शामिल वाहनों पर सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माना और जब्ती की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

फिलहाल क्षेत्र के लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए तो महान नदी और पुल दोनों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा खड़ा हो सकता है।
