रोबिट गुप्ता
बलरामपुर-: बलरामपुर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने विगत देर शाम जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा अस्पताल प्रबंधन व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर का भ्रमण करते हुए विभिन्न वार्डों, आपातकालीन ओपीडी, उपचार कक्षों एवं आवश्यक सेवाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद कर उपचार व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं पर फीडबैक भी प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर बेहतर उपचार एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जनरल वार्ड एवं महिला वार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रसूता महिलाओं से चर्चा कर डिलीवरी के बाद शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं तथा पोषण संबंधी लाभों की जानकारी दी। साथ ही महिलाओं को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी एसएनसीयू कक्ष भी पहुंचीं, जहां उन्होंने नवजात शिशुओं को उपलब्ध कराई जा रही उपचार एवं देखभाल व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने मौजूद चिकित्सकों एवं स्टाफ से भर्ती शिशुओं के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा उन्होंने अस्पताल के रसोई कक्ष का निरीक्षण कर मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि मरीजों को निर्धारित मेनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन समय पर उपलब्ध कराया जाए तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
कलेक्टर ने डायलिसिस रूम का भी निरीक्षण कर वहां उपलब्ध मशीनों, उपचार व्यवस्था एवं मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मशीनों के नियमित रख-रखाव एवं मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं एक्स-रे रूम का निरीक्षण कर उपकरणों की स्थिति एवं कार्यप्रणाली का जायजा लिया तथा तकनीकी स्टाफ की उपस्थिति एवं प्रतिदिन लाभान्वित होने वाले मरीजों की संख्या की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल से निकलने वाले जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के सुरक्षित निष्पादन एवं रख-रखाव का भी बारीकी से अवलोकन किया गया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करने तथा पर्यावरण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत कचरे के सही वर्गीकरण एवं निष्पादन के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी विजय सिंह, सिविल सर्जन शशांक गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग का अमला उपस्थित रहा।
