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डेस्क न्यूज़ बलरामपुर/रामचंद्रपुर-: बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत महादेवपुर के खुटरा पारा की तस्वीर ग्रामीण विद्युत व्यवस्था की जमीनी हकीकत बयां कर रही है। यहां वर्षों से ग्रामीण लो वोल्टेज की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि बिजली कनेक्शन होने के बावजूद लोग उसका समुचित लाभ नहीं ले पा रहे। कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। अब इस मामले में एक नया और गंभीर आरोप सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर ठेकेदार के पेटी कॉन्ट्रैक्टर द्वारा पैसों की मांग की गई और पैसे नहीं देने पर लगाए गए बिजली पोल को रातों-रात उखाड़कर ले जाया गया।
विफन पंडो उपसरपंच ग्रामीण
जितेंद्र यादव ग्रामीण
महादेवपुर खुटरा पारा में पंडो समाज के कई घर निवासरत है उनका कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग और जिला प्रशासन से शिकायत की गई। शिकायत के बाद प्रशासन ने भी मामला को गंभीरता से लिया और गांव में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए काम शुरू कराया गया। गांव में कुछ पोल भी गाड़े गए ताकि नया ट्रांसफार्मर लग सके और जिन घरों तक अब तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां भी सुविधा मिल सके।
ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर पैसों की मांग का आरोप
लेकिन ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया के तहत पहले गांव में पोल और खंभे गाड़ने का काम किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, जब पोल-खंभे लगाए जा चुके थे और लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही ट्रांसफार्मर लगाकर लो वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी तभी काम से जुड़े ठेकेदार के मुख्तार अंसारी और अख्तर अंसारी द्वारा ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर पैसों की मांग की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि उनसे लाखों रुपये मांगे गए। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है और यह पूरा मामला जांच का विषय है।
पैसे नहीं देने पर पोल उखाड़ने का आरोपग्रा
ग्रामीणों का आरोप है कि पैसा नहीं मिलने के बाद रातों-रात गाड़े गए पोल को उखाड़कर वापस ले जाया गया। सुबह जब ग्रामीण उठे तो देखा कि जहां पोल लगा था, वहां कुछ भी नहीं था। इसे देखकर गांव में नाराजगी फैल गई।

विफन पंडो उपसरपंच ने जताई नाराजगी
ग्राम पंचायत के उपसरपंच विफन पंडो ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि एक तरफ गांव में लंबे समय से लो वोल्टेज की समस्या है, दूसरी तरफ जब सुधार का काम शुरू हुआ तो पैसे की मांग होने लगी। पैसा नहीं देने पर पोल ही उखाड़ लिया गया, जो बेहद गलत है ग्रामीणों का कहना है कि हर महीने बिजली बिल समय पर आता है और वे बिल भी जमा करते हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर सिर्फ परेशानी मिल रही है।
ग्रामीणों ने उठाए कई गंभीर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और इतनी बड़ी रकम देना उनके बस की बात नहीं है। गांव वालों ने सवाल उठाया कि जब सरकार गांव-गांव तक बिजली सुविधा पहुंचाने के दावे कर रही है, तो फिर मूलभूत सुविधा के लिए उनसे पैसों की मांग क्यों की जा रही है। इस मामले ने बिजली विभाग, संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
वहीं इस मामले में जब कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आपके माध्यम से जानकारी मिली है। उन्होंने तुरंत संबंधित विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं और जल्द समस्या का समाधान कराने की बात कही
अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी ग्रामीणों की नजर
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर पैसों की मांग के आरोप सही हैं यदि आरोप सही हैं तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी और सबसे अहम सवाल क्या महादेवपुर के खुटरा पारा के ग्रामीणों को आखिरकार लो वोल्टेज की समस्या से राहत मिल पाएगी फिलहाल पूरे मामले पर ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।
