रोबिट गुप्ता
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बलरामपुर / सड़क किनारे बड़ी मात्रा में सड़ा चना मिलने से हड़कंप, ग्रामीणों में आक्रोश पूरा मामला रामचंद्रपुर विकासखंड के रामानुजगंज सनावल मुख्य मार्ग पर नीलकंठपुर मोड़ के पास सड़क किनारे बड़ी मात्रा में सड़ा हुआ चना मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह वही चना है जिसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों में वितरित किया जाना था। घटना नीलकंठपुर मोड़ से करीब 300 मीटर दक्षिण की बताई जा रही है, जिसके सामने आने के बाद सरकारी राशन वितरण व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सड़क किनारे सड़ा सरकारी चना मिलने से
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क किनारे पड़ा चना पूरी तरह खराब हो चुका था और उससे बदबू भी आ रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि यह चना जरूरतमंदों तक पहुंचने के बजाय खुले में फेंका हुआ मिला, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। उनका आरोप है कि यदि समय पर वितरण और उचित भंडारण किया गया होता तो यह स्थिति नहीं बनती।
भंडारण और लापरवाही पर सवाल
ग्रामीणों का मानना है कि चना पहले किसी गोदाम या भंडारण केंद्र में रखा गया होगा, लेकिन समय पर वितरण नहीं होने और उचित रखरखाव के अभाव में वह खराब हो गया। बाद में उसे सड़क किनारे फेंक दिया गया। लोगों का कहना है कि यह केवल लापरवाही का मामला नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।

नियमित जांच के बावजूद सड़क किनारे मिला सड़ा चना।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रत्येक माह राशन कार्डधारियों को पीडीएस दुकानों के माध्यम से चना वितरित किया जाता है। खाद्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा राशन दुकानों तथा वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी किए जाने के दावे भी किए जाते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में चना का सड़क किनारे सड़ी हुई अवस्था में मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। यदि निगरानी व्यवस्था प्रभावी थी तो यह चना आखिर किस स्तर पर खराब हुआ और सड़क तक कैसे पहुंच गया? क्या भंडारण में लापरवाही हुई, वितरण में चूक हुई या फिर निगरानी व्यवस्था में कहीं कमी रह गई
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि केवल भंडारण ही नहीं, बल्कि गोदाम, परिवहन व्यवस्था और संबंधित जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। लोगों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में खाद्यान्न का खराब होकर सड़क पर मिलना सामान्य घटना नहीं है और इसकी गहन जांच जरूरी है।
प्रशासन ने जांच शुरू की
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है और टीम को मौके पर भेजा गया है। रामानुजगंज एसडीएम आनंद नेताम ने बताया कि सूचना मिलते ही जांच टीम भेज दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब लोगों की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई है। देखना होगा कि जांच में सच्चाई सामने आती है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या नहीं। फिलहाल सड़क किनारे मिला सड़ा हुआ चना सरकारी राशन व्यवस्था की पारदर्शिता, निगरानी और जवाबदेही को लेकर कई गंभीर सवाल छोड़ गया है।
