रोबिट गुप्ता
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बलरामपुर/ बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत विजयनगर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कृषि मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। सुशासन तिहार के तहत आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण किया गया। साथ ही किसानों को प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और एग्रीस्टेक पंजीयन के प्रति जागरूक किया गया

सुशासन तिहार का उद्देश्य और आयोजन
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत विजयनगर में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव वनमंडलाधिकारी आलोक बाजपेई, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

विभागीय स्टॉलों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई कृषि स्वास्थ्य महिला एवं बाल विकास पंचायत राजस्व सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी और उनके आवेदन प्राप्त किए। मंत्री सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने विभागीय स्टॉलों का अवलोकन कर प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की स्थिति की जानकारी ली सामाजिक सरोकारों से जुड़े

कार्यक्रम भी हुए आयोजित
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजन भी किए गए। पांच बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया, वहीं पांच गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म संपन्न हुई। इसके अलावा विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को सामग्री और लाभ वितरित किए गए। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और अपनी समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।

सुशासन की पहचान है त्वरित समस्या समाधान
शिविर को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। शासन की मंशा है कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि समस्याओं का निराकरण गांव स्तर पर ही किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है।

एग्रीस्टेक पंजीयन कराने की अपील
मंत्री ने किसानों को एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक में पंजीयन नहीं होने पर किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, धान खरीदी, खाद-बीज वितरण और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती है। इसलिए सभी किसानों को समय रहते अपना पंजीयन सुनिश्चित करना चाहिए।
प्राकृतिक खेती अपनाने पर दिया जोर
कृषि मंत्री ने रासायनिक उर्वरकों के लगातार उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती और जैविक खाद अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है, उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है और किसानों की लागत भी कम होती है। इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
जल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई तकनीकों पर जोर
उन्होंने जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए किसानों को टपक सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। साथ ही दलहन एवं अन्य फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की बात कही। मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग आवश्यकता के अनुसार करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उनका संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण का आह्वान
पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जनता के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया। शिविर में प्राप्त आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों के समाधान की प्रक्रिया जारी है।
जागरूकता और जनसंवाद का प्रभावी मंच बना शिविर
विजयनगर में आयोजित यह जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी मंच साबित हुआ। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और जनता के बीच संवाद मजबूत होता नजर आ रहा है।
