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डेस्क न्यूज बलरामपुर-: जिले रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अंतर्गत वन वाटिका में वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम की अगुवाई में 350 सफेद चंदन के पौधे लगाए गए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों, स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने भी पौधारोपण किया।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने वन वाटिका की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की। उन्होंने कहा कि वन वाटिका धीरे-धीरे एक ऐसे क्षेत्र के रूप में विकसित हो रही है, जहां लोगों को शुद्ध हवा और हरियाली के बीच सुकून मिलता है। उन्होंने बताया कि वन वाटिका को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इससे आने वाले समय में दूसरे क्षेत्रों और राज्यों से भी लोग यहां आकर प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकेंगे।

कृषि मंत्री ने सफेद चंदन के पौधों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने वन मंडलाधिकारी और वन परिक्षेत्र अधिकारी को पौधों की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चंदन एक महत्वपूर्ण और मूल्यवान वृक्ष है, इसलिए लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा जरूरी है उन्होंने वन वाटिका के संरक्षण और विकास में काम कर रहे महिला स्व-सहायता समूहों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि समूहों की मेहनत से वन वाटिका की देखभाल बेहतर तरीके से हो रही है। पौधों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के कारण वन वाटिका का क्षेत्र लगातार हरा-भरा और सुंदर बन रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंडलाअधिकारी आलोक बाजपेयी ने बताया कि वन वाटिका के विकास के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां पाए जाने वाले मोर, हिरण और अन्य छोटे वन्यजीवों के संरक्षण के लिए भी योजनाएं बनाई जा रही हैं। वन वाटिका की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वन महोत्सव के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत चंदन वाटिका में 350 सफेद चंदन के पौधे लगाए गए हैं। आने वाले समय में भी पौधारोपण और पौधों के संरक्षण का कार्य जारी रहेगा।
कार्यक्रम में लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों की देखभाल करने की अपील की गई। साथ ही सभी से वनों और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में सहयोग करने का आग्रह किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं, स्थानीय ग्रामीण और पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।
