डेस्क न्यूज बलरामपुर- रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत त्रिकुंडा स्थित त्रिकुंडा जलाशय में डूबे राजकुमार उर्फ चरकू का शव करीब 24 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम ने बरामद कर लिया है। लगातार बारिश के कारण जलाशय पूरी तरह लबालब भरा हुआ था और गेट से पानी के रिसाव की शिकायत ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग से की थी।
शिकायत के बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची, लेकिन बताया जा रहा है कि जलाशय के पानी में उतरकर काम करने के लिए टीम के साथ न तो कोई प्रशिक्षित व्यक्ति था और न ही आवश्यक सुरक्षा उपकरण मौजूद थे। गेट के अंदर फंसे कचरे को हटाने के लिए गांव के रहने वाले राजकुमार को उसके घर से बुलाकर लाया गया। परिजनों का आरोप है कि राजकुमार ने पहले पानी में उतरने से मना किया था, लेकिन अधिक पैसे देने की बात कहकर उसे मौके पर लाया गया और पानी में उतरकर कचरा हटाने के लिए कहा गया। इसी दौरान वह गहरे पानी में डूब गया।
करीब 24 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम ने जलाशय में रेस्क्यू अभियान चलाकर राजकुमार के शव को बाहर निकाला। बेस बेयर में फंसे बुजुर्ग के शव को बाहर निकाले जाने के बाद मौके पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों में शोक का माहौल है।
अब सबसे बड़ा सवाल जल संसाधन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। जब जलाशय पूरी तरह भरा हुआ था और गेट से पानी के रिसाव की स्थिति बनी हुई थी, तो किसी ग्रामीण को पानी के अंदर भेजने से पहले पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए? विभाग में तकनीकी और बचाव कार्यों के लिए टीम होते होंगे.. राजकुमार को पानी में क्यों उतरना पड़ा? और यदि उसे पानी में भेजा गया, तो उसकी सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे?
परिजनों की मांग
परिजनों ने मृतक राजकुमार के परिवार को मुआवजा देने और उसके पुत्र को विभाग में नौकरी देने एवं प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की गई प्रशासन द्वारा मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहयोग एवं संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध FIR करने के आश्वासन पर मृतक के परिवार सहमत हुए बाद पोस्टमार्टम के लिए हॉस्पिटल रामानुजगंज के लिए रवाना किया गया
घटना स्थल पूर्व विधायक
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से घटना की जानकारी लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी को लेकर आवश्यक कार्रवाई की बात कही। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने तथा मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की।
फिलहाल पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है















