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बलरामपुर (रामचंद्रपुर )-: कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देशानुसार जनपद पंचायत रामचंद्रपुर विकासखंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा ग्राम पंचायत कनकपुर में जल संचयन एवं भूजल संवर्धन अभियान अंतर्गत 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर टैंक प्रशिक्षण एवं जन चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जल संरक्षण के महत्व एवं अभियान की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

जल संरक्षण पर जोर
जनपद सीईओ ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा भूजल स्तर को सुरक्षित रखने के लिए सभी ग्राम पंचायतों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही जल संकट जैसी चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव है।

तकनीकी प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर टैंक की संरचना, निर्माण प्रक्रिया, कार्यप्रणाली एवं इसके दीर्घकालिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। तकनीकी सहायकों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, वहीं सरपंचों एवं सचिवों को ग्रामीणों के बीच जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

जल दूत समीक्षा
बैठक में जल दूत पोर्टल के कार्यों की समीक्षा करते हुए जनपद सीईओ ने लंबित प्रविष्टियों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि आगामी दो दिनों के भीतर सभी लंबित प्रविष्टियां पूर्ण कर पोर्टल को अद्यतन किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान की वास्तविक प्रगति का आंकलन सही और समय पर दर्ज की गई जानकारी से ही संभव है।

जनभागीदारी पर चर्चा
जन चौपाल के दौरान जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए ग्रामीणों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही पंचायत स्तर पर समन्वय स्थापित कर अभियान को प्रभावी एवं परिणाममूलक बनाने की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
संकल्प लिया
कार्यक्रम में उपस्थित सचिवों, सरपंचों, तकनीकी सहायकों, ग्राम रोजगार सहायकों एवं अन्य कर्मचारियों ने जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने तथा अभियान के उद्देश्यों को सफल बनाने का संकल्प लिया। सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में जल संचयन संरचनाओं के निर्माण एवं संरक्षण संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता जताई।
