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बलरामपुर-रामानुजगंज-: छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला बलरामपुर रामानुजगंज द्वारा जिला कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत कुमार महत के नेतृत्व में कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन को लंच टाइम के दौरान सौंपा गया।
महंगाई भत्ता नहीं मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी
जिला कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत कुमार महत ने बताया कि राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल, न्यायिक सेवा अधिकारियों एवं अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत किया जा चुका है, जबकि प्रदेश के लगभग 4.50 लाख अधिकारी-कर्मचारियों को अब तक इसका लाभ नहीं मिला है। इसे लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है।
महंगाई भत्ता और डीए एरियर्स की प्रमुख मांग
ज्ञापन में कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत प्रदान करने तथा डीए एरियर्स की राशि जीपीएफ खाते में समायोजित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने की मांग
कर्मचारी संघ ने विधानसभा बजट सत्र में घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए अब तक नियम एवं निर्देश जारी नहीं होने पर चिंता जताई। ज्ञापन में कर्मचारी हित में तत्काल आदेश जारी करने की मांग की गई है।
अवकाश नगदीकरण और नियमितीकरण का मुद्दा
ज्ञापन में सेवानिवृत्ति पर 240 दिनों के स्थान पर 300 दिनों के अवकाश नगदीकरण की सुविधा लागू करने, संविदा, दैनिक एवं अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित करने तथा उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है।
शिक्षक एलबी संवर्ग और अनुकंपा नियुक्ति संबंधी मांग
कर्मचारी संघ ने शिक्षक एलबी संवर्ग को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना का लाभ देने तथा अनुकंपा नियुक्ति में लागू 10 प्रतिशत की सीमा समाप्त कर सभी पात्र रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रदान करने की मांग की है।
बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष प्रियेश सिंह, बलरामपुर ब्लॉक अध्यक्ष अब्राहम तिर्की, छात्रावास अधीक्षक संघ के जिला अध्यक्ष विकास कुमार गुप्ता, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ के जिला उपाध्यक्ष सत्यभान सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
कर्मचारी संघ ने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में व्यापक आंदोलन किया जा सकता है।
