रोबिट गुप्ता
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बलरामपुर/ बलरामपुर जिले के प्रवास पर पहुंचे रामविचार नेताम ने विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम पिपरोल में काशीसोत व्यपवर्तन योजना के नहर विस्तार कार्य का भूमिपूजन किया इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि के नए अवसर पैदा होंगे कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही

परियोजना की लागत एवं निर्माण कार्य
शासन द्वारा इस परियोजना के लिए 1314.53 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के तहत 5920 मीटर लंबी मुख्य नहर तथा 9910 मीटर लंबी माइनर नहर का निर्माण एवं विस्तार किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों को सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

सिंचाई सुविधा एवं किसानों को लाभ
इस योजना से खरीफ सीजन में 500 हेक्टेयर तथा रबी सीजन में 150 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इस प्रकार कुल 650 हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित होगा। इसके अलावा लगभग 150 किसानों को प्रत्यक्ष रूप से इस परियोजना का लाभ प्राप्त होगा। सिंचाई सुविधा बढ़ने से किसानों को दोहरी फसल लेने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने की संभावना है।
सरकार की किसान हितैषी सोच

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नहर विस्तार कार्य पूरा होने के बाद सेंदुर और पिपरोल क्षेत्र के किसानों को वर्षभर खेती करने की सुविधा मिलेगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का भी है।
फसल विविधीकरण एवं जैविक खेती पर जोर
उन्होंने किसानों से धान के साथ-साथ दलहनी और तिलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उनके अनुसार मिश्रित खेती अपनाने से किसानों को बेहतर लाभ मिल सकता है और खेती अधिक लाभकारी बन सकती है। उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गोबर खाद और अन्य जैविक संसाधनों के उपयोग से भूमि की उर्वरता बनी रहती है तथा कृषि उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होता है। जैविक खेती से किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलने की भी संभावना रहती है।
पशुपालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा
कृषि मंत्री ने कहा कि नहर विस्तार परियोजना केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र में पशुपालन और मत्स्य पालन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में क्षेत्र में मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा, जिससे ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की विभिन्न योजनाओं से जुड़कर लाभ लेने की अपील की।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की अपील
कार्यक्रम में उपस्थित चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि कृषि मंत्री की पहल से क्षेत्र में नहर विस्तार कार्य शुरू हो रहा है, जिससे किसानों को विशेष रूप से रबी फसलों की सिंचाई में लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसान दोहरी फसल लेकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकेंगे। कलेक्टर ने किसानों से एग्रीस्टैक पंजीयन कराने की अपील करते हुए कहा कि विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है। साथ ही उन्होंने महिलाओं से महतारी वंदन योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त करने के लिए समय पर ई-केवाईसी कराने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति एवं महत्व
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, जनपद अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा, जनपद अध्यक्ष मुंद्रिका सिंह, पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। नहर विस्तार परियोजना को क्षेत्र के कृषि विकास और किसानों की आर्थिक उन्नति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा
