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डेस्क न्यूज बलरामपुर-: पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को लेकर बलरामपुर प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में बलरामपुर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हरित, जलसमृद्ध और पर्यावरण संतुलित बलरामपुर के निर्माण में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। कलेक्टर ने नागरिकों से “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाले समय में स्वच्छ वायु, जल संरक्षण और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बनेगा।।
खेत, बाड़ी और तालाब किनारे पौधारोपण पर जोर
कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों से अपने खेतों की मेढ़, बाड़ी, तालाब किनारे तथा अन्य उपलब्ध भूमि पर पौधारोपण करने का आग्रह किया। उन्होंने विशेष रूप से केंद्र सरकार के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़ते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक जरूरी उसका संरक्षण करना है ताकि वह आने वाले वर्षों में एक मजबूत वृक्ष बन सके।
जल संरक्षण में वृक्षों की अहम भूमिका
ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलन को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। पेड़ वर्षा जल को धरती में समाहित करने में मदद करते हैं, जिससे भू-जल स्तर बढ़ता है और जल संकट जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
उन्होंने बताया कि जिले में संचालित 5 प्रतिशत जल संरक्षण अभियान की सफलता के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण बेहद आवश्यक है। जल संरक्षण और वृक्षारोपण एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए दोनों क्षेत्रों में समान रूप से काम करना जरूरी है।
बेटियों के नाम पर पौधारोपण का संदेश
कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपनी बेटियों के नाम पर भी पौधे लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह पहल बेटी के सम्मान, संरक्षण और सशक्तिकरण का प्रतीक बनेगी। यह संदेश समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देगा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई जागरूकता भी पैदा करेगा।
जनभागीदारी से बनेगा हरित और समृद्ध
उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, विद्यार्थियों, महिला समूहों और आम नागरिकों से इस जनअभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। कलेक्टर ने कहा कि यदि हर नागरिक कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण की जिम्मेदारी ले, तो आने वाले समय में बलरामपुर को हरित, स्वच्छ और समृद्ध जिले के रूप में स्थापित किया जा सकता है।
