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डेस्क न्यूज बलरामपुर रामचंद्रपुर -: प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता और शासकीय राशि के दुरुपयोग के मामले में जिला पंचायत बलरामपुर ने सख्त कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत पचावल के तत्कालीन पंचायत सचिव चन्द्रपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा आदेश जारी किया गया है।

12 अपात्र लोगों को दिलाया योजना का लाभ
जिला पंचायत के आदेश के अनुसार, चन्द्रपाल अपने कार्यकाल के दौरान ग्राम पंचायत पचावल में सचिव पद पर पदस्थ थे। जांच में पाया गया कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 12 ऐसे हितग्राहियों को लाभ दिलाया, जो योजना की पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करते थे। इन अपात्र हितग्राहियों के नाम पर आवास स्वीकृत कराए गए और शासकीय राशि का भुगतान भी किया गया।
जांच में सामने आया लाखों रुपये का मामला
मामले की जांच में सामने आया कि आवास निर्माण कार्य के लिए 10 लाख 5 हजार रुपये तथा मनरेगा योजना के तहत मजदूरी भुगतान के रूप में 1 लाख 71 हजार 321 रुपये खर्च किए गए। इस प्रकार शासन को कुल 11 लाख 76 हजार 321 रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना है।
स्पष्टीकरण नहीं आया काम
कार्रवाई से पहले संबंधित सचिव को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। चन्द्रपाल द्वारा 7 अप्रैल 2026 को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया, लेकिन अधिकारियों ने उसे संतोषजनक नहीं माना। जिला पंचायत ने माना कि यह कृत्य कर्तव्य के प्रति लापरवाही और शासकीय नियमों के उल्लंघन को दर्शाता है।
तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश
आदेश में उल्लेख किया गया है कि संबंधित कर्मचारी का आचरण छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1998 के प्रावधानों के विपरीत है। इसके चलते चन्द्रपाल, तत्कालीन पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत पचावल (वर्तमान पदस्थ पंचायत ग्राम पंचायत कुन्दरू, अतिरिक्त प्रभार ग्राम पंचायत बरवाही) को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान चन्द्रपाल का मुख्यालय जनपद पंचायत रामचंद्रपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा। जिला पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय योजनाओं में अनियमितता करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि योजनाओं का लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक ही पहुंच सके।
